मानव का पर्यावरण से कैसे और क्या संबंध (Manav aur Paryavaran ka Sambandh) परिचय मानव और पर्यावरण का जो संबंध है बहुत ही गहरा है। क्योकि पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व पूरी तरह से पर्यावरण पर ही निर्भर करता है। पर्यावरण हमें निम्न प्रकार की सुविधा देता है जैसे हवा, पानी, भोजन और रहने के लिए हमें स्थान प्रदान करता है। इसलिए हमें यह कहनापूरी तरह से गलत नहीं होगा कि मानव और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक होते हैं। मानव क्यों पर्यावरण पर निर्भरता मानव अपने दैनिक जीवन के लिए ही पूरी तरह से ही पर्यावरण पर निर्भर है। जैसे 1 हवा (वायु)= मनुष्य और जिव जंतु को सांस लेने के लिए आवश्यक है। 2 पानी (जल)= हम सभी के लिए पीने, खेती और अन्य कार्यों के लिए बहुत ही जरुरी है 3 भोजन= मानव का भोजन पेड़-पौधों और जानवरों से ही प्राप्त होता है। 4 प्राकृतिक संसाधन = प्राकृतिक जीचे जैसे लकड़ी कोयला डीजल खनिज और ऊर्जा के स्रोत सभी पर्यावरण से मिलते हैं। पर्यावरण पर मानव का कैस...
वायु प्रदूषण तथा वायु माण्डिल्य समस्या वायु प्रदूषण से जहा एक ओर सज सामान पौधे तथा प्राणियों के समुदाय को छाती पहुँचती है एवं मनुष्य में स्वष्थ सम्बन्थित समस्या खड़ी होती है व्ही दूसरी और वायु मंडलीय प्रक्रिया में भी परिवर्तन आते है अम्ल वर्षा धूम कोहरा वैश्विक उसमाँ ओजोन रिक्तीकरण आदि कुछ ऐसे ही प्रभाव है जो हमारे वायुमंडल में प्रदुषण के कारन हो रहे है अये वायुमंडल में वायु प्रदूषण के कारन होने वाले कुछ समाया पर एक नजर डाले निलंबित करणीय पदार्थ आस पास की हवा में पाए जाने वाले करणीय पदार्थ विभिन्नय आकर में कणो का जिनमे अनेक रसायनिक घटक भी हो सकते है एक मिश्रित होता है एवं इसका मिश्रण अदालत बदलता रहता है इनमे से भट्टर कारण हमरी नक् के भीतर के बाल में तथा स्वाश के नालियों में अटक जाते है १० मम से भी छोटे आकर के कर्ण जिन्हे हम प.म १० कहते है स्वशाननील निलंबित करणीय पदार्थ कहलाते है सबसे कहते कारण २.५ मम से भी आकर में काम होते है जिन्हे पम २.५ कहते है ये स्वाश द्वारा फेफड़े में गहराई तक चले जाते है और बहुत सी परेशानिया पैदा करती है केन्दीय प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा...
वन एक संसाधन के रूप में वन एक संसाधन के रूप में वन हमारी सम्पदा है जो हमें विविध प्रकार के उत्पादन जैसे इमारती लकड़ी जलावन की लकड़ी चारा फाइबर रेष जड़ीबूटियां सौन्दर्य प्रसंसन और अनेक प्रकार की सामग्री कच्चा मॉल प्रदान करता हैं जिसका उपयोग उद्योग में होता है अनेक विविध प्रकार के ाशधन धरी जिव और पक्षी जो वनो में रहते है उपयोगी सजीव संसाधन का काम करते है वन मृदा निर्माण जल संरक्षण और आक्सीजन के पुर्नउत्पादन में प्रमुख भूमिका निभाते है वृक्ष अपनी जिव मात्रा में (सीओ२ का योगीकरण करते है और वाष्पोत्सर्जन के द्वारा वे जल वायु को माध्यम स्टार पर बनाय रखते है क्या आप कल्पना क्र सकते है की अगर दुनिया में वन नहीं रहेंगे तो क्या होगा ये अनेक कार्य करते है जिन्हे प्रतक्ष्य रूप से देखा जा सकता है लेकिन कुछ कार्य ऐसे है जिन्हे प्रतक्ष्य रूप से नहीं देखा जा सकता है जैसे की वायु का शुद्धिकारन कार्बन सिंक व्यापक रूप से वनो द्वारा किय जाने वाले सभी कार्यो को तीन शीर्षकों में वर्गीकृत किया जा सकता है आर्थिक ,पारिस्थितिकीय और सामाजिक। आर्थिक महत्व वन पृथ्वी ग...
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